नशामुक्ति का संकल्प या केवल अभियान? थांदला में खुलेआम बिक रही अवैध शराब
बस स्टैंड, बायपास और पेटलावद रोड पर खुलेआम बिक्री, युवाओं का भविष्य दांव पर

शराब माफिया बेखौफ, आबकारी विभाग मौन—आखिर किसका संरक्षण?
थांदला । झाबुआ जिले में पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया के मार्गदर्शन में “नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0″ अभियान के तहत जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रक्षा सखी टीम एवं नशा मुक्ति जागरूकता रथ लगातार भ्रमण कर आमजन, विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करा रहे हैं तथा नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश दे रहे हैं।
इसी बीच जिले के थांदला नगर की स्थिति इस अभियान की भावना के विपरीत दिखाई दे रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर में अवैध शराब का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और कई स्थानों पर खुलेआम शराब बेची जा रही है। इसके बावजूद आबकारी विभाग की कार्रवाई प्रभावी नजर नहीं आ रही, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
नगर के बस स्टैंड, बायपास, पेटलावद रोड तथा बेडावा बस स्टैंड क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इन क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, महिलाएं, यात्री एवं आमजन गुजरते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर खुलेआम शराब की बिक्री से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध शराब के ठिकानों की जानकारी आम लोगों तक को है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब जिले में नशामुक्ति अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है, तब दूसरी ओर अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने में संबंधित विभाग क्यों असफल दिखाई दे रहा है।

- आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
नगर में चर्चा है कि जहां अवैध शराब का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा हो, वहां आबकारी विभाग की लगातार चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग वास्तव में सक्रिय है तो अवैध बिक्री पर रोक क्यों नहीं लग पा रही, और यदि जानकारी नहीं है तो यह विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
नगरवासियों के बीच यह भी चर्चा है कि कहीं न कहीं विभाग की उदासीनता ही अवैध कारोबारियों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। अवैध शराब की बढ़ती उपलब्धता का असर युवाओं और सामाजिक माहौल पर भी दिखाई देने लगा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
- जनता की मांग — अभियान के साथ सख्त कार्रवाई भी हो
नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिस गंभीरता से “नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0” अभियान चलाया जा रहा है, उसी गंभीरता से अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध भी विशेष अभियान चलाया जाए। आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा नगर में नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए, ताकि नशामुक्त समाज का उद्देश्य केवल जागरूकता तक सीमित न रहकर धरातल पर भी दिखाई दे।





