प्यासा शहर, बेहाल जनता! नलों में 10 मिनट पानी, बाकी भरोसा टैंकरों पर
पानी से परेशान नगर, जनता की मांग—रोज मिले पानी, बढ़े जल सप्लाई का समय

थांदला । नगर में इन दिनों पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। आम जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान दिखाई दे रही है। नगर के 15 वार्डों में तीन दिन बाद नलों में पानी पहुंच रहा है और वह भी मात्र लगभग 10 मिनट तक। ऐसे में लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। जल संकट के कारण सुबह से ही महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बर्तन, बाल्टियां और डिब्बे लेकर पानी भरने का इंतजार करते दिखाई देते हैं। सीमित समय तक जलापूर्ति होने से कई परिवारों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। घरेलू कार्य, बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यापार और दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
- निजी टैंकरों से ₹400 से ₹800 तक खर्च करना पड़ रहा भारी
जलापूर्ति नियमित नहीं होने के कारण लोगों को निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। नगर के कई मोहल्लों में टैंकरों से पानी मंगवाने के लिए ₹400 से ₹800 तक खर्च करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कई परिवारों का कहना है कि केवल पानी की व्यवस्था करने में ही हर माह हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं।

- 10 लीटर पीने के पानी के लिए देने पड़ रहे ₹20
पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि लोगों को पीने का पानी भी खरीदना पड़ रहा है। नगर में 10 लीटर आरओ पानी के लिए ₹20 तक चुकाने पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता भी अब महंगी हो गई है और मजबूरी में उन्हें खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।
- जनता की मांग – पानी देने का समय बढ़ाया जाए, रोजाना हो जलापूर्ति
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नलों से पानी देने का समय बढ़ाया जाए ताकि सभी परिवार पर्याप्त पानी भर सकें। साथ ही वर्तमान में तीन दिन के अंतराल से हो रही जलापूर्ति के स्थान पर प्रतिदिन नियमित पानी सप्लाई शुरू की जाए। नागरिकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की आवश्यकता अधिक रहती है, इसलिए रोजाना जलापूर्ति ही समस्या का स्थायी समाधान है।
- प्रशासन से समाधान की मांग
नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल आपूर्ति व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, नियमित और पर्याप्त समय तक पानी उपलब्ध कराया जाए तथा जरूरत वाले क्षेत्रों में निशुल्क टैंकर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।





